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Sunday, 22 July 2012

एक तरफ़ा महोब्बत मेरी


एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी
एक तरफ़ा महोब्बत मेरी , एक तरफ़ा इबादत मेरी

देख के मेरे दिल की हालत आंख खुदा की भर आयी
नजाने कब जुड़ा था रिश्ता जो तू हुई परायी
खोट ना कुछ भी तेरा इसमें खता हे सारी मेरी
जुबा से कुछ में कह ना सका और राह ताकि क्यों तेरी
एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी

एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी
मेरी मोहब्बत में दिल टुटा या ना टुटा मेरा
खुश फिर इस बात के दिल ना दुख हे तेरा
मेरा क्या रो रो कर जिन्दगी कट जाएगी मेरी
जुबा से कुछ में कह ना सका और राह ताकि क्यों तेरी
एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी

एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी
तुझको चाहा खुद की बेकद्री कर दी क्या मेने
कब तक रोकू इन अश्को को अब तो लगे बहने
अश्को में जो आये नजर तो खता ना होगी मेरी
जुबा से कुछ में कह ना सका और राह ताकि क्यों तेरी
एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी

एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी
कर बेठा तेरा में इतना इंतजार क्यू
इतने चेहरों में आया तेरे ऊपर प्यार क्यू
सोच सोच अब हो गई आंखे नम मेरी
जुबा से कुछ में कह ना सका और राह ताकि क्यों तेरी
एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी

एक तरफ़ा महोब्बत मेरी, एक तरफ़ा इबादत मेरी

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