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Sunday, 22 July 2012

छोरे तू ते बड़ा हो गया


जब थमा उसका हाथ मेने भरी महफ़िल में
धक् धक् धक् हो रही थी दोनों के दिल में 
जब में अपने बुजुर्गो से इस तरह नजरे मिलाने लगा
जसे को कोई भूखा शेर हो किसी पर गुर्हने लगा
ओर सबके सामने छाती ताने में जब खड़ा हो गया 
तब मेरा बापू कहेन लगा छोरे तू ते बड़ा हो गया

मेरे चाचा ने मेरे सिने पर जब दुनाली तान ली
मेरे भी मोहब्बत में 
जान  गवाने की ठान ली
हाथ डगमगाए उसके देख के मेरा जोश
सब कहने ने कुछ मत कह ये खो चूका हे होश
देखो कम्बक्त चार दिन के प्यार में  मरने को खड़ा हो गया
तब मेरा बापू कहेन लगा छोरे तू ते बड़ा हो गया

मेरे ताऊ ने पीठ थपथपा और कहा तू हे कितना बहादुर
इतने हे 
ठाकुर यहाँ पर सच्चा तू ही हे ठाकुर
भरदे इसकी मांग अगर करता हे सच्चा प्यार
देता हु  में इस लड़की को अपनी बहु का अधिकार
सच में सलाम हे हिम्मत को सबके बिच यु खड़ा हो गया 
तब मेरा बापू कहेन लगा छोरे तू ते बड़ा हो गया




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